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ईमानदारी की खुशबू
यह कहानी हमें सिखाती है कि गलती हर किसी से हो सकती है, लेकिन जब हम स च्चाई से अपनी गलती मान लेते हैं, तो लोग हम पर भरोसा करते हैं और हमें और प्यार करते हैं।

कहानी
प्रज्ञा एक खुशमिज़ाज और प्यारी सी लड़की थी। उसे अपनी माँ को तैयार होते देखना बहुत अच्छा लगता था।माँ की रंग-बिरंगी साड़ियाँ, चमचमाती चूड़ियाँ और सुगंधित इत्र (परफ्यूम) की खुशबू उसे बहुत भाती थी।
एक दिन, जब माँ कमरे में नहीं थीं, प्रज्ञा धीरे-धीरे ड्रेसिंग टेबल के पास गई। “आज मैं माँ की तरह तैयार होऊँगी!” उसने खुशी से कहा।
उसने दुपट्टा ओढ़ा, चूड़ियाँ पहनीं, और फिर ऊँची जगह पर राखी हुई काँच की परफ्यूम की बोतल उठाई।
लेकिन तभी - छन्न!
बोतल नीचे गिर गई और टूट गई। कमरे में खुशबू फैल गई।

“ओह नहीं! माँ का पसंदीदा परफ्यूम!” वह घबरा गई। डर के मारे उसने शीशे के टुकड़े एक थैली में डालकर बिस्तर के नीचे छिपा दिए।
कुछ दिन बाद, उसने माँ की लिपस्टिक देखी, वह बहुत सुंदर लाल रंग की थी! बिना पूछे उसने थोड़ी लगा ली और फिर उसे अपने खिलौनों के डिब्बे में रख दिया।
एक सुबह, जब माँ कमरे की सफाई कर रही थीं, उन्हें लिपस्टिक खिलौनों के डिब्बे में मिली ।उन्हें यह भी याद आया कि उनकी परफ्यूम की बोतल गायब थी।
उन्होंने प्यार से आवाज लगाई, “प्रज्ञा, क्या तुमने मेरी चीज़ें ली थीं?”
प्रज्ञा का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। उसने सिर झुका लिया और बोली, “न-नहीं, माँ।”
माँ उसके पास बैठ गईं और धीरे से बोलीं, “बेटा, जब हम सच्चाई छिपाते हैं, तो भरोसा टूटने लगता है। लेकिन जब हम ईमानदारी से सच बोलते हैं, तो प्यार और भरोसा दोनों बढ़ते हैं।”

प्रज्ञा की आँखों में आँसू आ गए। उसने माँ को गले लगाते हुए कहा, “माँ, माफ़ कर दो। मैंने आपकी परफ्यूम की बोतल तोड़ दी थी… और लिपस्टिक भी बिना पूछे ली थी।”
माँ मुस्कुराईं और उसके माथे को चूमा। “धन्यवाद, प्रज्ञा, सच बोलने के लिए। गलती माफ़ की जा सकती है, लेकिन भरोसा टूट जाए तो उसे जोड़ना मुश्किल होता है। ईमानदारी तुम्हें अंदर से सुंदर बनाती है और रिश्तों को मज़बूत करती है।”
उस दिन से प्रज्ञा ने खुद से वादा किया कि वह हमेशा सच बोलेगी। उसे समझ आ गया कि ईमानदारी माँ के परफ्यूम और लिपस्टिक से भी ज़्यादा कीमती है।
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Shloka
सत्यं वद । धर्मं चर ।
satyam vada, dharmam chara
Source: Taittirīya Upaniṣad
अर्थ: सत्य बोलो और धर्म के मार्ग पर चलो।
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Story type: Motivational
Age: 7+years; Class: 3+






















